कांटाफोड़ में अंधे कत्ल का 72 घंटे में खुलासा,आपसी रंजिश में 50 वर्षीय युवक की हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार; जंगल में दबिश देकर पकड़े

देवास। कांटाफोड़ थाना क्षेत्र के ग्राम इकलेरा में 50 वर्षीय युवक कमल पिता बाबूलाल चौहान की संदिग्ध मौत के मामले का पुलिस ने महज 72 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि कमल की हत्या आपसी रंजिश के चलते की गई थी। मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर जांच जारी है।
दरअसल, 27 अगस्त 2026 को ग्राम इकलेरा निवासी बद्रीप्रसाद चौहान ने पुलिस को कमल की मौत की सूचना दी थी। प्रारंभिक तौर पर मामला संदिग्ध मौत का प्रतीत हो रहा था। मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के शरीर पर चोटों के निशान देखे, जिसके बाद हत्या की आशंका गहराई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू करते हुए घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कराया।
तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ गवाहों और परिजनों के बयानों को खंगाला। तकनीकी टीम की मदद से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस हत्या की कड़ी तक पहुंची। इसके बाद कांटाफोड़ थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 238(ए) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज किया गया।
सुरमान्या के घने जंगल में दबिश
आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस की दो अलग-अलग टीमें गठित की गईं। जांच के दौरान मिले महत्वपूर्ण सुरागों के आधार पर पुलिस टीम ने सुरमान्या के घने जंगलों में दबिश दी और तीन संदिग्धों को पुलिस अभिरक्षा में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में किशन पिता हजारीलाल (21), निवासी इकलेरा, बुदन पिता भागीरथ डावर (25), निवासी सुतारीपुरा तथा पेलात उर्फ प्रहलाद पिता भागीरथ डावर (36), निवासी सुतारीपुरा शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होना स्वीकार किया। जांच में हत्या के पीछे आपसी रंजिश सामने आई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
एसपी के निर्देश पर पुलिस टीम की त्वरित कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक देवास पुनीत गेहलोत के निर्देश पर कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सौम्या जैन एवं एसडीओपी बागली संजय सिंह बैस के मार्गदर्शन तथा कांटाफोड़ थाना प्रभारी निरीक्षक कैलाशचन्द्र चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मामले की जांच की।
आरोपियों की गिरफ्तारी में कांटाफोड़ थाना पुलिस के साथ साइबर सेल की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस की त्वरित जांच के चलते संदिग्ध मौत का मामला हत्या में तब्दील हुआ और महज 72 घंटे में पुलिस आरोपियों तक पहुंच गई। हत्या की पूरी वजह और वारदात में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका को लेकर विवेचना जारी है।

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