बालाघाट में आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग, गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने सौंपा ज्ञापन

राष्ट्रपति, राज्यपाल एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर के माध्यम से सौंपा ज्ञापन, 18 सितंबर को राजा शंकर शाह–रघुनाथ शाह बलिदान दिवस पर छात्रावासों में कार्यक्रम कराने की मांग
बैतूल, 3 सितंबर 2026। बालाघाट जिले में आदिवासी समाज के बच्चों की मौत से जुड़े मामले को लेकर गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन (GSU) और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (GGP) ने संयुक्त रूप से आवाज उठाई। दोनों संगठनों के पदाधिकारियों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति, मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम कलेक्टर बैतूल के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
ज्ञापन में कहा गया कि बालाघाट जिले में आदिवासी समाज के बच्चों की मृत्यु से संबंधित मामला बेहद गंभीर एवं संवेदनशील है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक कारणों और तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई तथा पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक एवं आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की गई।
संगठनों ने भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी व्यवस्था और निगरानी सुनिश्चित करने की मांग भी रखी।
18 सितंबर को छात्रावासों में बलिदान दिवस मनाने की मांग
ज्ञापन में दूसरे महत्वपूर्ण विषय के रूप में राजा शंकर शाह एवं रघुनाथ शाह के बलिदान दिवस को लेकर भी मांग रखी गई। जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित सभी राजा शंकर शाह-रघुनाथ शाह शासकीय सीनियर बालक छात्रावासों में 18 सितंबर को श्रद्धांजलि एवं सम्मान कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि राजा शंकर शाह और उनके पुत्र रघुनाथ शाह ने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष करते हुए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया था। उनके संघर्ष, बलिदान और आदिवासी समाज के इतिहास से नई पीढ़ी को परिचित कराने के लिए छात्रावासों में कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए।
इसके लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने, विद्यार्थियों को दोनों वीर शहीदों के जीवन एवं संघर्ष की जानकारी देने तथा बलिदान दिवस पर श्रद्धांजलि, पुष्पांजलि एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कराने की मांग की गई।
गोंडवाना स्टूडेंट्स यूनियन और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी द्वारा संयुक्त रूप से सौंपे गए इस ज्ञापन के माध्यम से दोनों संगठनों ने आदिवासी समाज के बच्चों से जुड़े मामले में न्याय और शहीद राजा शंकर शाह एवं रघुनाथ शाह के इतिहास को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की मांग को प्रमुखता से उठाया।











