हाईटेंशन लाइन की चपेट में आए राजमिस्त्री की मौत दीवार पर प्लास्टर करते समय हुआ हादसा,
परिजनों ने बिजली सप्लाई बंद किए बिना काम कराने का लगाया आरोप

अलीगंज। सिमौर गांव में रविवार सुबह दीवार पर प्लास्टर कर रहे 55 वर्षीय राजमिस्त्री की 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आने से मौत हो गई। हादसे में उनके हाथ और उंगलियां बुरी तरह झुलस गईं। करंट लगते ही वह अचेत होकर जमीन पर गिर पड़े। परिजन उन्हें आनन-फानन में निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। मोहम्मद नगर बझेरा निवासी रामसरन पुत्र दीनदयाल राजमिस्त्री का काम कर परिवार का पालन-पोषण करते थे। रविवार सुबह वह सिमौर गांव में ग्रामीण सचिन के घर के बाहर दीवार पर प्लास्टर कर रहे थे। इसी दौरान मकान के बाहर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन की चपेट में आ गए। करंट लगने से उनके हाथ की त्वचा बुरी तरह झुलस गई और उंगलियां भी क्षतिग्रस्त हो गईं। बिजली सप्लाई बंद किए बिना काम कराने का आरोप हादसे के बाद परिजनों ने बिजली विभाग और काम कराने वाले पक्ष पर लापरवाही का आरोप लगाया। विजयपाल का कहना है कि जिस स्थान पर प्लास्टर का काम कराया जा रहा था, वहां से 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन गुजर रही थी। लाइन में करंट प्रवाहित होने के बावजूद बिजली की सप्लाई बंद नहीं कराई गई। आरोप है कि रामसरन को पाड़ पर चढ़ाकर काम कराया जा रहा था। इसी दौरान उनका हाथ विद्युत लाइन से छू गया और वह गंभीर रूप से झुलस गए। रामसरन परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी सर्वेश देवी के अलावा छह बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी सुजाता (30), दूसरी बेटी सोनी (28) और तीसरी बेटी मोनी (25) की शादी हो चुकी है। परिजनों के मुताबिक सोनी ससुराल में विवाद के चलते मायके में रह रही है। इसके अलावा बेटा सुचित कुमार (23), चौथी बेटी गौरी (20), अन्नू (17) और नव्या (13) हैं। रामसरन की मौत के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। परिजनों के मुताबिक उनके परिवार की पूरी जिम्मेदारी रामसरन के कंधों पर थी। अब बच्चों के पालन-पोषण, भविष्य और सीएचसी अलीगंज में रामसरन की मौत की खबर मिलते ही परिवार के लोग पहुंच गए। पति का शव देखकर पत्नी सर्वेश देवी का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। वह शव के पास बैठकर लगातार बिलखती रहीं। पति की मौत के सदमे के बीच वह बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित नजर आईं" उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली की लाइन में करंट दौड़ रहा था और इसके बावजूद उनके पति को काम करने के लिए पाड़ पर चढ़ाया गया। यदि समय रहते बिजली आपूर्ति बंद करा दी जाती तो शायद हादसा टल सकता था। पिता की मौत की खबर सुनकर बेटा सुचित कुमार भी बेसुध हो गया। परिवार के अन्य सदस्यों का भी रो-रोकर बुरा हाल रहा। हादसे के बाद गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने परिवार के प्रति संवेदना जताते हुए मामले की जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अलीगंज प्रभारी निरीक्षक रूपेश कुमार वर्मा ने बताया कि घटना के संबंध में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अलीगंज से मेमो प्राप्त हुआ है। थाना स्तर से मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।











