भदोही मे काशी नरेश विश्वविद्यालय के निरीक्षण में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए विकास के निर्देश

भदोही मे काशी नरेश विश्वविद्यालय के निरीक्षण में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने दिए विकास के निर्देश
मौलश्री का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश, कुलपति व 21 विभागाध्यक्षों के साथ की समीक्षा बैठक
ज्ञानपुर/भदोही, 02 नवंबर 2026। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को काशी नरेश राजकीय विश्वविद्यालय, ज्ञानपुर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत मौलश्री का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। राज्यपाल ने कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव, विभिन्न संकायाध्यक्षों एवं 21 विभागाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं आधारभूत व्यवस्थाओं की जानकारी ली। उन्होंने विश्वविद्यालय के समग्र विकास के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार कर निर्धारित समयसीमा में कार्य पूरा कराने पर जोर दिया। एनएएसी मानकों के अनुरूप विकास पर जोर राज्यपाल ने कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन पारदर्शिता, जवाबदेही और निर्धारित नियमों के अनुरूप होना चाहिए। प्रवेश, परीक्षा, अवकाश प्रबंधन सहित सभी प्रशासनिक कार्य समयबद्ध तरीके से संपन्न किए जाएं। उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (एनएएसी) के मानकों के अनुरूप विकसित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण तैयार करने, सभी समितियों को अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करने के निर्देश दिए। समर्थ पोर्टल के सभी मॉड्यूल सक्रिय करने के निर्देश डिजिटल प्रशासन की समीक्षा के दौरान राज्यपाल ने समर्थ पोर्टल के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पोर्टल पर कुल 42 मॉड्यूल उपलब्ध हैं, जबकि विश्वविद्यालय में वर्तमान में तीन मॉड्यूल पर कार्य हो रहा है। उन्होंने शेष मॉड्यूल को चरणबद्ध तरीके से सक्रिय करने के निर्देश दिए, ताकि विश्वविद्यालय की प्रशासनिक एवं शैक्षणिक गतिविधियां अधिक पारदर्शी और तकनीक आधारित हो सकें। लैब, स्मार्ट क्लास और छात्रावासों को बेहतर बनाने पर जोर विश्वविद्यालय के आधारभूत ढांचे की समीक्षा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि नए भवन अथवा सुविधाओं का निर्माण केवल आवश्यकता के अनुसार नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर समग्र कार्ययोजना के साथ किया जाए। उन्होंने प्रयोगशालाओं, स्मार्ट बोर्ड, स्मार्ट क्लास, छात्रावास, लाइब्रेरी, शिक्षकों के कक्ष, छात्राओं के लिए लेडीज रूम, स्वच्छ शौचालय, स्नानघर, किचन, फर्नीचर सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही सीवर लाइन, विद्युत व्यवस्था, आंतरिक सड़क, खेल मैदान, पार्किंग, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को आधुनिक और सुव्यवस्थित तरीके से विकसित करने पर बल दिया। विभिन्न विभागों और प्रयोगशालाओं का किया निरीक्षण राज्यपाल ने विज्ञान, शिक्षा एवं कला संकाय सहित विभिन्न विभागों और प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान, गणित, भूगोल सहित अन्य विभागों की शिक्षण व्यवस्था और प्रयोगशालाओं की जानकारी ली। शिक्षकों से संवाद करते हुए उन्होंने शोध, अनुसंधान, नवाचार एवं व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व, चरित्र और भविष्य निर्माण का आधार बननी चाहिए। विद्यार्थियों से संवाद कर एआई के सकारात्मक उपयोग का दिया संदेश राज्यपाल ने विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उनके प्रश्नों के उत्तर दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल विकास, नेतृत्व क्षमता, रोजगार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि आधुनिक समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का महत्व लगातार बढ़ रहा है। विद्यार्थियों को तकनीकी रूप से दक्ष बनने के साथ एआई का जिम्मेदारीपूर्ण और सकारात्मक उपयोग करना चाहिए। उन्होंने संस्कार, नैतिक मूल्यों, अनुशासन और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। स्वास्थ्य, स्वच्छता और खेल सुविधाओं पर भी जोर राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में नियमित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का सुझाव दिया। उन्होंने प्रत्येक सोमवार को निर्धारित चिकित्सक की उपलब्धता तथा समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कराने पर जोर दिया। उन्होंने परिसर की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने तथा विद्यार्थियों की सहभागिता से स्वच्छता गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए विद्यार्थी समिति गठित करने का सुझाव दिया। साथ ही खेल गतिविधियों, स्टार्टअप, कौशल विकास एवं रोजगारपरक नए पाठ्यक्रमों को बढ़ावा देने की बात कही। कुलपति प्रो. उमा श्रीवास्तव ने स्वागत उद्बोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उपलब्धियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में लगभग सात हजार छात्र-छात्राएं विभिन्न पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शिक्षा को अधिक व्यावहारिक, कौशल आधारित एवं रोजगारपरक बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इस अवसर पर कुलाधिपति की विशेष कार्याधिकारी श्री सुधीर महादेव बोबडे, प्रो. रीना सिंह, प्रो. कल्पना अवस्थी, मंडलायुक्त श्री राजेश प्रकाश, डीआईजी श्रीमती पूनम, जिलाधिकारी श्री शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक श्री अभिनव त्यागी, मुख्य विकास अधिकारी श्री बाल गोविंद शुक्ल, अपर जिलाधिकारी श्रीमती शुभांगी शुक्ला सहित विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, परीक्षा नियंत्रक श्री केशलाल, सहायक कुलसचिव श्री शिरीष कुमार सिंह, संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, शिक्षक एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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