बेटों ने निभाया फर्ज, पिता को कांवड़ पर बैठाकर निकले शिवधाम

एटा, 7 अगस्त। श्रावण मास की कांवड़ यात्रा के दौरान शुक्रवार को रतीभानपुर से भैसूली होते हुए जलेसर जाने वाले मार्ग पर एक ऐसा भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया। आगरा जनपद के एत्मादपुर मदरा, डा. नगला सबल निवासी वयोवृद्ध गोदन सिंह को उनके चार पुत्र विशेष कांवड़ पर बैठाकर शिवधाम की ओर ले जा रहे थे। पिता की मनोकामना पूरी करने के लिए उनके पुत्र जयप्रकाश, किशन, टिंकू और बंटी ने विशेष रूप से कांवड़ तैयार कराई। वृद्ध पिता को कांवड़ पर बैठाकर चारों भाई बारी-बारी से उसे अपने कंधों पर उठाते हुए भगवान शिव के जलाभिषेक के लिए रवाना हुए। इसी दौरान कांवड़ यात्रा मार्ग का निरीक्षण कर रहे जिलाधिकारी अरविन्द सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन की नजर इस अनूठी कांवड़ पर पड़ी। अधिकारियों ने यात्रा को कुछ देर रुकवाकर चारों भाइयों और उनके पिता से मुलाकात की। डीएम और एसएसपी ने पुत्रों की सेवा-भावना और समर्पण की जमकर सराहना की। जिलाधिकारी अरविन्द सिंह ने चारों भाइयों को ‘आधुनिक युग के श्रवण कुमार’ बताते हुए कहा कि माता-पिता की सच्ची सेवा ही ईश्वर की सच्ची भक्ति है। भारतीय संस्कृति में माता-पिता का स्थान सर्वोच्च है और उनकी सेवा प्रत्येक संतान का परम कर्तव्य है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक इला मारन ने भी चारों भाइयों के संस्कार और समर्पण की प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अधिकारियों ने कहा कि ऐसे उदाहरण समाज में पारिवारिक मूल्यों और माता-पिता के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करते हैं। चारों भाइयों की इस अनूठी सेवा-भावना को देखकर कांवड़ मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं में भी चर्चा रही। पिता की इच्छा पूरी करने के लिए बेटों द्वारा उठाया गया यह कदम नई पीढ़ी के लिए सेवा, संस्कार और भारतीय संस्कृति की मिसाल बन गया।











