श्रावस्ती न्यूज़: गड्ढों का कहर, प्रशासन का मौन...क्या यह किसी बड़े हादसे का संकेत है?

श्रावस्ती। तराई क्षेत्र में टू लेन और फोर लेन सड़कों का जाल बिछा है, लेकिन इन पर राहगीरों की यात्रा आसान नहीं है। सड़कों की गुणवत्तापूर्ण मरम्मत नहीं की जाती और दुर्घटना बाहुल्य क्षेत्रों में संकेतक भी नहीं लगाए जाते हैं। सेमरी से इकौना और भिनगा से सेमरी मार्ग पर गड्ढे व उजड़ी सड़कें लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई हैं। अमर उजाला ने रविवार को इन सड़कों की पड़ताल की, जिसमें कई स्थानों पर सड़कें टूटी हुई पाई गई। अंधरपुरवा मार्ग पर दुर्घटनाएं सेमरी से इकौना जाने वाले मार्ग पर ग्राम अंधरपुरवा के पास सड़क अत्यधिक घुमावदार है। सड़क के कई हिस्से उजड़ चुके हैं, जिससे बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। जिम्मेदार विभाग इस महत्वपूर्ण मार्ग की मरम्मत में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहा है। सड़क की जर्जर हालत और घुमाव के कारण यहां लगातार दुर्घटनाएं होती रहती हैं। हाल ही में हुई एक दुर्घटना में एक व्यक्ति की जान चली गई थी। इसके बावजूद संबंधित विभाग ने सुरक्षा उपायों पर ध्यान नहीं दिया है। जिला कारागार के पास खतरा सेमरी-भिनगा मार्ग पर जिला कारागार के पास सड़क का एक हिस्सा धंस गया है। इससे सड़क पर एक बड़ा और खतरनाक गड्डा बन गया है। इस मार्ग से इकौना, बलरामपुर, कटरा और वीरपुर जैसे स्थानों के लोग जिला मुख्यालय पहुंचते हैं। चार-पहिया वाहन चालक किसी तरह संतुलन बना लेते हैं, पर दो-पहिया वाहन चालकों के लिए यह जानलेवा हो सकता है। इकौना निवासी राहगीर संतोष कुमार ने बताया कि उनके टेंपो का पहिया गड्ढे में जाने से एक महिला नीचे गिर गई थी। ऐसे कई हादसे इस स्थान पर हो चुके हैं। स्थानीय लोगों का प्रयास भिनगा-सेमरी मार्ग पर भिनगी चौराहे के पास सड़क टूटकर बड़े गड्ढे में बदल गई थी। इस गड्ढे के कारण कई लोग दुर्घटना का शिकार हो चुके थे। विभागीय उदासीनता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने स्वयं गड्ढे में मिट्टी भर दी। इस पहल से दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आई है। हालांकि, बारिश होने पर मिट्टी कीचड़ में बदल जाती है, जिससे लोग अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। ग्राम राजापुर के निकट लाल बगिया के सामने भी सड़क कटी हुई है, जो कभी भी दुर्घटना का कारण बन सकती है।











