बच्चों को लेकर सड़क पर दौड़ रहे थे नियमविहीन वाहन, तीन पर कार्रवाई

अलीगंज। बच्चों को स्कूल पहुंचाने वाली गाड़ियों पर अब परिवहन विभाग की पैनी नजर है। मंगलवार को अलीगंज क्षेत्र में शुरू हुई स्कूली वाहनों की जांच में ही तीन वाहन सुरक्षा के मानकों पर फेल हो गए। जांच के दौरान दो वाहन बिना फिटनेस और एक बिना परमिट संचालित मिला। तीनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई। एआरटीओ शिवम यादव की जांच के बाद वाहन संचालकों को साफ कर दिया गया कि बच्चों को लेकर सड़क पर उतरने से पहले वाहन का फिटनेस और परमिट दुरुस्त होना जरूरी है। कागजों की कमी या वाहन की खराब हालत को अब नजरअंदाज नहीं किया जाएगा। 15 दिन तक चलेगी नजर स्कूली वाहनों की जांच के लिए शासन ने 11 से 25 अगस्त तक ‘मिशन सेफ फ्यूचर 2.0’ अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान स्कूल बस, वैन और बच्चों को लाने-ले जाने वाले अन्य वाहनों की जांच की जाएगी। खास तौर पर वाहन की फिटनेस, परमिट, आयु सीमा और सुरक्षा इंतजामों को परखा जाएगा। नोटिस के बाद भी सड़क पर उतरे तो पंजीयन पर संकट जिन वाहनों को फिटनेस कराने के लिए पहले ही कई बार नोटिस दिए जा चुके हैं, लेकिन वे फिर भी सड़कों पर दौड़ते मिले, उनके खिलाफ अब बड़ी कार्रवाई होगी। ऐसे वाहनों का पंजीयन निलंबित करने तक की कार्रवाई की जा सकती है। गंभीर लापरवाही वाले स्कूलों को भी चिह्नित किया जाएगा। बच्चों के साथ नहीं होगा सख्ती का जोखिम जांच के दौरान यदि स्कूली वाहन में बच्चे बैठे मिलते हैं तो उन्हें बीच रास्ते उतारकर कार्रवाई नहीं की जाएगी। पहले बच्चों को सुरक्षित स्कूल या गंतव्य तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद वाहन संचालक के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होगी। खटारा वाहन और नशे में चालक भी रडार पर अभियान के दौरान उन वाहनों पर भी कार्रवाई की जाएगी जो निर्धारित आयु सीमा पार कर चुके हैं या खराब हालत में बच्चों को ढो रहे हैं। नशे में वाहन चलाने वाले चालकों पर वाहन निरुद्ध करने और ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन जैसी कार्रवाई की जाएगी। अलीगंज में पहले दिन तीन वाहनों पर कार्रवाई के बाद अब उन स्कूल संचालकों और वाहन मालिकों की चिंता बढ़ गई है, जिनके वाहन लंबे समय से फिटनेस और परमिट की शर्तें पूरी किए बिना बच्चों को ढो रहे हैं।











